Tuesday, 25 December 2018

संसार की काल्पनिक सोच

बहुत सारे लोगों का काल्पनिक मानना है कि #प्रभु_यीशु_मसीह को 2000 हजार साल हुये।
नही! यहाँ आपकी समझ ही गलत है। साथ ही साथ ये ही आपकी सबसे बड़ी महा गलतफैमी है जो आपको #ईश्वरीय_सच्चाई से कोसों दूर धकेलती है।
प्रभु यीशु मसीह को दो हजार साल नही हुये।
जगत की उतप्ति होने से पहले प्रभु यीशु मसीह ही थे। #पहला और #आखिरी वो ही हैं।
और यीशु को हमने प्रभु नही बनाया वो ऑलरेडी प्रभु हैं।
मामला ये है कि Prabhu Yishu Masih pre existent, co existent and self existent hai.
मामला ये है कि प्रभु यीशु मसीह पहले से मौजूद है, सह अस्तित्व और आत्म अस्तित्व है।
सब कुछ से पहले वो हैं। अपने आप ही हैं

आदि से प्रभु यीशु मसीह ही है। यीशु मसीह परमेश्वर के साथ है। यीशु मसीह ही परमेश्वर है।
यीशु के द्वारा ही हर चीज उत्पन हुई है और आप भी यीशु के द्वारा उत्पन हुए हो। आप उसकी सृष्टि हो। यीशु आपका सृष्टिकर्ता, पालनहारा, तारणहारा, मुक्तिदाता पिता है। यीशु ने आपको और हमको अपने स्वरूप और समानता में बनाया है। मानो या नही मानो प्रभु यीशु मसीह ही आपका सृष्टिकर्ता, पालनहारा, मुक्तिदाता पिता है।

बाइबिल में उतप्ति की जो पहली किताब है उसमें पुरी सृष्टि का वर्णन है उससे पहले प्रभु मसीहा का अस्तित्व, उसके बाद मानव, सूर्य, चंद्रमा, तारे इत्यादि।

प्रभु यीशु मसीह #आदि और #अंत है। पहला और आखिरी हैं।
इसलिए हम आपकी मनगढ़त फिलोसोफी को निरादर के साथ नकारते है। क्योंकि आप लोग सिर्फ डाली डाली चिल्लाते हो जड़ नही पकड़ते हो। जड़ से आपको मोहब्बत है ही नही। दो हजार साल, दो हजार साल, चिल्ला चिल्ला के आप भटकती आत्मा बन चुके हो।
हमारे प्रभु मसीहा शरीर समेत अनंतकाल तक जीवित है, अजर, अमर, अविनाशी है। सारा आदर, गौरव महिमा पराक्रम उनका हैं।

आपको सद्बुद्धि मिले ताकि आप   A को B और B को C कहना बन्द करें।

Every Blessing

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स्वामी विवेकानन्द

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